जब खामोश आंखों मे नमी होगी,
यही बस एक दास्ताँ-ऐ-ज़िंदगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
पर कैसे भरेगी वो जगह जहाँ आप की कमी होगी…….
दूर निगाहोंसे बार बार जाया न करो,
दिलको इस कदर तद्पाया न करो,
तुम बिन 1 पल भी जी न सकेंगे हम ,
ये एहसास बार बार दिलाया न करो ………