||घोटालों का मेला||

*सोने के सितेरे ऊचे अम्बर
से तोड सके
नेता का सपूत अलबेला
हो तो ऐसे हो

धरती पे आरती उतरे
बुढे बरगद नीम पे चढे हुआ करेला
हो तो ऐसे हो
दो किलो खली से तनों तेल
जो निकाल सके
सता का किह्लेरी खाया - खेला
हो तो ऐसे हो

कल था करोर करोड़पति आज
हे अरबपति

घोटालों का रोज-रोज मेला
हो तो ऐसे हो

दिल सी कहा मेने

मेरी खामोश मोहब्बत का इतना तो सीला दिया होता,
कभी इक नज़र चाहत से देख ही लिया होता
हम भी तुझे इश्क-०-मोहब्बत से आशना करते,
बस इक बार आपने दील में आने तो दिया होता
क्या जाता तुम्हारा बस हमे ही दिल से खुशी मिलती,
अपनी ज़िंदगी की किताब में नाम हमारा भी लीख लिया होता
देख लेते ज़रा गौर से शायद,
तुम्हारे हाथ की lakhiron में hamari kismat का भी दिया होता…

)               )              )

Jinki Yad tumhe khushik lamho me aye

jho ki tum unhe pyarkarte ho,

aurjinki yad gum k lamho ki vo apse samjho ki

vo apse pyar karte hai. MeriYadd Kab Ati Hai.:)